कौशांबी के कड़ा धाम स्थित प्रसिद्ध मां शीतला देवी मंदिर में रविवार से पांच दिवसीय आषाढ़ मेले का शुभारंभ हो गया। 51 शक्तिपीठों में शामिल इस पवित्र धाम में पहले ही दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। प्रयागराज, प्रतापगढ़, मिर्जापुर समेत पूर्वांचल के करीब 13 जिलों से श्रद्धालु गंगा स्नान के बाद मां शीतला के दर्शन-पूजन के लिए पहुंच रहे हैं।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, कड़ा धाम वह स्थान है जहां माता सती का दाहिना हाथ गिरा था। श्रद्धालु शीतल कुंड में जल, दूध और मेवे अर्पित कर संतान सुख, परिवार की खुशहाली और मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना करते हैं। माता को विशेष झूला चढ़ाने की परंपरा भी श्रद्धापूर्वक निभाई जाती है।
मंदिर के पुजारियों के अनुसार, ऋतु परिवर्तन और मानसून के आगमन के समय चेचक सहित मौसमी बीमारियों से बचाव तथा सुख-समृद्धि की कामना के लिए मां शीतला की पूजा का विशेष महत्व है। आषाढ़ शुक्ल पक्ष की सप्तमी और अष्टमी पर महिलाएं व्रत रखकर विधि-विधान से पूजा करती हैं और दही-पूरी का भोग अर्पित करती हैं। मेले को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा, साफ-सफाई और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के व्यापक इंतजाम किए हैं।
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